रियो ओलंपिक 2016, खेलों के इस महाकुंभ में आज से भारतीय एथलीटों की अग्नि परीक्षा शुरू होने जा रही है। 34सदस्यीय भारतीय दाल से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
खेलों के महाकुंभ में आजादी के बाद से एक भी पदक नहीं जीत पाए भारत के एथलीट शुक्रवार से ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगे। इस बार भी 116 से चले आ रहे पदक का अकाल ख़तम होने की संभावना कम है।
आपको बता दें कि 1900 में नार्मन प्रिचार्ड के रजत पदक के बाद से भारत ने ओलंपिक में कोई पदक नहीं जीता है। अपना चौथा ओलंपिक खेल रहे चक्का फेंक खिलाड़ी विकास गौड़ भारतीय अभियान की शुरुआत करेंगे। गत राष्ट्रमंडल चैंपियन गौड़ लंदन ओलंपिक में फाइनल में पहुंचे थे लेकिन आठवें स्थान पर रहे थे।
महिला फर्राटा दौड़ में 1980 के बाद पहली बार दुतीचंद के रूप में कोई भारतीय महिला दौड़ती नजर आएंगी। भारत के लिए इससे पहले 1920 में पीटी उषा ने मास्को ओलंपिक में सौ मीटर की रेस में हिस्सा लिया था। दुति के सामने पहली चुनौती सेमीफाइनल में पहुचना रहेगी।
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